*यू जी सी साजिश सरकार का*
धर्म धरा और नारी
प्यासी प्रिय त्रिय को
रण रक्त है प्यारी।
हो चुका अति प्रमाद
व्यसनी मंच भोग का
करना ही होगा कठोर उपक्रम
मल,म्लेच्छ रोग का।।
यू जी सी साजिश सरकार का*
अब वक्त नहीं संवाद का।
दिव्य पिनाक कर धर पुजारी।
पर्ण पुष्प दूब अक्षत बस
अब अधिकार युद्ध (धर्मयुद्ध ) की बारी
कर रणविजय
दिग्विजय की तैय्यारी।।
जो चला सौगन्ध ले
लपक झपट तेग़ तलवार कटारी
होती उसी पर बलिहारी
धर्म धरा और नारी।।
जो तुम चाहते प्रियवर
धर्म धरा और नारी
करना ही होगा उत्कर्ष
सहकारी हितकारी।।
धर्म धरा और नारी
प्यासी प्रिय त्रिय को
रण रक्त है प्यारी।।
आचार्य दिग्विजय सिंह तोमर अंबिकापुर सरगुजा छत्तीसगढ़ राज्य
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